महाराणा प्रताप सिंह 1

महाराणा प्रताप की आजादी का संघर्ष मामूली नहीं था। यह एक ऐसे राणा का संघर्ष था जिसमें आदिवासी और वनवासी भीलों के साथ रहते, उन्हीं की तरह जीवन जीते। मुगलों से हर मोर्चे पर युद्ध ही नहीं लड़े गए, बल्कि उन्हें बार-बार परास्त भी किया गया। 25 वर्षों तक वे अकबर की विशाल सेना से संख्या में बहुत कम अपने बहादुर सैनिकों के साथ लड़ते रहे। पर उनकी विरल संगठन शक्ति, वीर शिवजी भी उनकी प्रेरणा से ही छापामार रणनीति और शत्रू को बल की बजाय हतोत्साहित करते उनके पैर उखाड़ने की तकनीक से युद्ध करते आये थे।

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